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दिल की बीमारियों की दवाइयां और डायबिटीज की दवाइयां ना होने पर अस्पतालों में उपस्थित मरीजों को हुई और भी परेशानियां

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सरकारी अस्पतालों की फार्मेसी से डायबिटीज और दिल की बीमारियों की दवाई नहीं है दवा कंपनियों टेंडर लेने के बावजूद आपूर्ति नहीं कर रही सभी जिलों से सीएमओ सीएमएस ने दवाओं और कंपनियों को सूची
महानिदेशक को भेजी है यह सूची शासन को सौंपी गई है जिसके आधार पर दवा कंपनियों को नोटिस भेजा जाएगा टेंडर में कम दर्ज भरकर स्वास्थ्य विभाग के रेट कांट्रैक्ट की सूची में शामिल होने वाली कंपनियों अब दावा करती हैं कि लापरवाही बरत रही है ड्रग एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पोर्टल पर ऑर्डर भेजने के बावजूद जिलों में दवाई नहीं पहुंच रही हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने 20 से अधिक कंपनियों की सूची महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को भेजकर दवाओं की कमी की शिकायत की है कौन सी कंपनी कौन सी दवा नहीं दे रही है इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है लगभग 59 दवाओं की आपूर्ति अस्पतालों में नहीं हो रही है सीएमओ सीएमएस का कहना है कि बार-बार मांग भेजने के बावजूद दवाओं की आपूर्ति नहीं की जा रही है खासतौर से मेट्रोजिल, डाइक्लोफिनेक सोडियम, जिंक, विटामिन ए सिरप डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों की दवा की कमी है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य की जानकारी दी गई है आगे की कार्यवाही से होगी कुछ कंपनियों ने शिकायत की है


 यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के ज़िम्मे है दवाइयों की टेंडर प्रक्रिया
प्रदेश के अस्पतालों में दवा और उपकरण की आपूर्ति पूरी तरह से यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को दे दी गई है इसकी कमान सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी चीजों में को सौंपी गई है 1 अक्टूबर से दवा के लिए मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को ही शासन की तरफ से दवा का उपकरण के मध्य का बजट भी दिया गया है टेंडर और खरीद की पूरी प्रक्रिया कॉरपोरेशन के ही जिम्मे है दवा की आपूर्ति में सुधार के लिए कॉरपोरेशन बनाया गया था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के केंद्रीय औषधि भंडार की तरह ही यह भी कार्य कर रहा है।

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