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सबसे कठिन परीक्षा के मैदान में पीएम मोदी का ऐलान- ए- जंग।

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लखनऊ: लोकसभा चुनाव का औपचारिक प्रचार शुरू होने में भले ही अभी वक्त हो लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के क्षेत्र और तीर्थराज प्रयाग से एक तरह से चुनावी जंग का ऐलान कर दिया है। वजह शायद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की जीत थी। यूपी के अपने इस दौरे में उन्होंने कांग्रेस को ही मुख्य रूप से निशाने पर रखकर यह संदेश दे दिया कि भाजपा दबाव में नहीं है,
इसीलिए उन्होंने प्रयागराज जाने के साथ सियासी जंग के लिहाज से सबसे कठिन रायबरेली के मैदान को चुना जहां भाजपा 2014 की लहर में सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ाई के कांटें अभी नहीं बना पाई थी। रायबरेली में विकास के हथियार से उन्होंने इस काम को शुरू किया तो प्रयाग राज में सरोकारों और कांग्रेस की तरफ से संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादाओं पर हो रही चोट के उल्लेख के साथ इसे आगे बढ़ाया।
प्रतीकों के तीर्थ से विरोधियों पर निशाना साधने में माहिर मोदी ने रायबरेली में रामचरितमानस की चौपाइयों से कांग्रेस पर वार किया तो प्रयागराज में भी ''कोउ कहिं सके प्रयाग प्रभाऊ'' का उल्लेख कर वहां इसी राह पर आगे बढ़े। संगम तट पर गंगा पूजा और आरती के बाद पास ही स्थित किले में मौजूद अक्षय वट का दर्शन कर उसे पहली बार आम लोगों के दर्शनों के लिए खोलकर उन्होंने कुम्भ व हिंदुत्व के सहारे सियासी समीकरणों को भी दुरुस्त करने की कोशिश की। प्रयागराज की सभा के अंत में ''जय गंगा मैया, जय सरस्वती मैया, जय तीर्थराज और भारत माता की जय के घोष के साथ भाषण को खत्म करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि उनका एजेंडा कांग्रेस पर वार के साथ हिंदुत्व है।

इस तरह साधा निशाना:

1. जिस तरह पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने के पहले ही पीएम का रायबरेली और प्रयागराज दौरा तय हो चुका था। इससे यह साफ है कि मोदी ने पहले ही तय कर लिया था कि उन्हें इस बार लोकसभा चुनाव का मोर्चा कांग्रेस से ही सजाना है इसलिए उन्होंने कांग्रेस को ललकारने के लिए इस पार्टी के लिए शीर्ष नेता के घर को चुना।
2.  राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मोदी जानते हैं कि विरोधियों के संभालने से पहले ही उन पर आक्रमण कर देना बेहतर रणनीति होती है। कांग्रेस के लोग अभी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान की जीत
के जश्न में ही डूबे हैं। ऐसे में मोदी ने सोनिया गांधी के क्षेत्र से कांग्रेस पर हमला बोल दिया।
3. उन्होंने यह कहते हुए की रायबरेली में रेल कोच फैक्ट्री तैयार तो 2010 में ही हो गई थी लेकिन यहां कोच बनना तब शुरू हुए जब भाजपा सरकार केंद्र में आ गई।
4. एक तरह से यह समझाने की कोशिश की कि कांग्रेस किसी को जल्दी कुछ देना नहीं चाहती जबकि भाजपा बिना भेदभाव काम करती है इसीलिए उन्होंने रामायण की चौपाई ''झूठहिं लेना, झूठहिं देना , झूठहिं भोजन, झूठ चाबेना'' का उल्लेख करते हुए लोगों के दिमाग में यह भी बताया कांग्रेस सिर्फ झूठे आश्वासन देकर लोगों को भरमाती है।

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