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नही चलेगी अब बॉस की तानाशाही प्राइवेट नौकरी कर रहे लोगों के लिए सरकार द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम

इस वर्ष लोकसभा चुनाव होने हैं जिसके चलते मोदी सरकार हर ओर से अपना पलड़ा भारी रखना चाहती है,जिसके चलते उसे भारी बहुमत मिलें।
newsvillah.in
सरकार इस समय श्रम सुधारों को लेकर काफी सजग होती प्रतीत हो रही है जिसके चलते केंद्र सरकार ने किसी प्राइवेट कंपनी जिसमे 100 से ज्यादा लोग आजीविका कमाते हैं,से किसी कर्मचारी को हटाने व अचानक कंपनी बन्द करने हेतु मंजूरी सरकार से लेने का प्रावधान रखा है,इसके अतिरिक्त यदि कंपनी में कोई भी बड़ा फैसला लेना है तो उसमें भी सरकार की मंजूरों आवश्यक होगी।

सरकार द्वारा पारित इस बिल के आने के बाद अब कंपनी किसी भी कर्मचारी को ऐसे ही मनमर्ज़ी से नही निकाल सकती कोई भी वह कंपनी जिसमे 100 से ज्यादा कर्मचारी हैं वह इस बिल के दायरे में आती है व इसका उल्लंघन करने पर वह सरकारी कार्यवाही की भागीदार होगी साथ ही साथ किसी भी कंपनी को ऐसे ही अचानक बन्द कर देना इतना आसान नही होगा जब तक सरकार से ली गयी मंज़ूरी का उत्तर न मिले।
यह बिल इससे पहले भी पास किया गया था परंतु उस वक़्त के बिल के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या 300 निर्धारित थी जिससे 300 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी अपनी मनमानी करती थी,परन्तु अब यह आंकड़ा घटा के 100 कर्मचारी कर दिया गया है।

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