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हर प्रदेश से तैयार होंगे तीन 'अंतरिक्ष विज्ञानी'

newsvillah.in

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने अभियानों से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए कई नए कल कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत इसरो हर राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश से तीन- तीन छात्रों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
यह छात्र इसी साल की गर्मियों से 1 महीने तक इसरो की प्रयोगशालाओं में रहकर अंतरिक्ष विज्ञान का प्रशिक्षण हासिल करेंगे इसरो प्रमुख के सेवन ने शुक्रवार को कहा कि इसमें स्कूल से लेकर कॉलेज के सभी साथियों को मौका दिया जाएगा राज्य सरकार छात्रों के चयन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इसरो ने यह भी तय किया कि छात्रों द्वारा बनाए गए उपग्रहों को इसरो बिना किसी शुल्क के लॉन्च करेगा अब तक इस रोल नो 7 सेटेलाइट को प्रशिक्षित कर चुका है।
इस साल अप्रैल में चंद्रयान अगले साल मंगलयान का प्रक्षेपण-
इसरो अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। इस साल 25 अप्रैल के बीच चंद्रयान- 2 का प्रक्षेपण किया जाएगा। जबकि अगले साल दिसंबर में मानवरहित गगनयान की पहली उड़ान होगी। इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रयान लैंडर और रोवर में कुछ सुधार की जरूरत बताई जाने के कारण इसके प्रक्षेपण में विलंब हुआ है। अब इसे 25- 30 अप्रैल के बीच में प्रक्षेपित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसरो इसके साथ ही अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की तैयारी में भी जुटा है। इसके तहत मानव मिशन का अलग से एक केंद्र बना दिया गया है। मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजे ने से पहले दो मानव रहित मिशन भेजे जाएंगे। पहला गगनयान अगले साल दिसंबर में भेजा जाएगा जबकि दूसरा जुलाई 2021 में मानव रहित गगनयान दिसंबर 2022 में प्रक्षेपित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें तीन अंतरिक्ष यात्री वहां पर जो 7 दिन अंतरिक्ष में रहेंगे।

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