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पुलवामा में किया गया 170 5वां सबसे बड़ा हमला, पुलवामा हमले में 44 जवान शहीद

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Pulwama attack
पुलवामा में हुई आरपीएफ आतंकी हमले की तस्वीर

पुलवामा आतंकी हमले में अभी तक 44 जवान शहीद हो चुके हैं। साल 2016 में हुए उरी हमले में 19 जवान शहीद हुए थे। यह बीस साल का होने वाला सबसे बड़ा हमला हुआ है, जिसमे 170 किलो से अधिक विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया।
प्रधानमन्त्री सहित कई आज मंत्री कैबिनेट में बैठक करेंगे। जिसके तहत सभी कार्यक्रम किये रद।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को बड़ाआतंकी हमलाहुआ है जिसमें अब तक 44 जवानों के शहीद होनेकी खबर आ रही है।  इस आतंकवादी हमले में 40 से ज्यादा जवान घायल हुए हुए हैं। शहीदों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सीआरपीएफ की बसों पर आतंकवादियों ने निशाना बनाया और उन्हें आईईडी से उड़ा दिया।

Pulwama attack
बताया जा रहा है हमले में 170किलो विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है

दिल दहला देने वाला है ये हमला

इस हमले में मारे गए शहीदों की संख्या उरी में मारे गए शहीदों से भी ज्यादा बताई जा रही है। इस तरह यह हमला अब तक का सबसे बड़ाआतंकी हमलामाना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में ऐसी आतंकवादी घटनाएं पहले भी काफी घट चुकी हैं। इन्हीं में से हम आपको ऐसे 5 बड़े आतंकी हमलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने पूरे देश को दहला दिया था।

उरी अटैक

18 सितंबर 2016 को आतंकियों ने घात लगाकर उरी सेक्टर स्थित सेना के कैंप पर हमला किया। इस आतंकी हमले में कुल 19 जवान शहीद हुए। सभी 4 आतंकियों को सेना ने मार गिराया था।बादामी बाग कैंप पर हमला3 नवंबर 1999 में श्रीनगर बादामी बाग स्थित 15 कॉप्स हेडक्वाटर पर हुए फिदायीन हमले में 10 जवान शहीद हुए थे।

नगरोटा और सांबा में आतंकी हमला

29 नवंबर 2016  को जम्मू से 20 किलोमीटर दूर नगरोटा और सांबा में आतंकी हमला हुआ था। नगरोटा में सेना की यूनिट पर हुए हमले में कुल सात जवान शहीद हुए थे जिनमें 2 अफसर और 5 जवान थे। आतंकियों ने पुलिस की वर्दी पहनकरसेना की यूनिट पर ग्रेनेड फेंका था। आर्मी कैंप की ऑफिसर्स मेस में घुसने की कोशिश की थी। आतंकी उन बिल्डिंगों में घुस गए थे जहां सेना के अफसरों के परिवार रहते थे। इस दौरान उन्होंने 12 सैनिक, दो महिलाओं और दो बच्चों को बंधक बनाया था।

जम्मू के आर्मी कैंप पर हमला

14 मई 2002 में जम्मू के आर्मी कैंप पर हुए हमले में 36 आम नागरिकों की मौत हुई थी जबकी 48 गंभीर रूप से घायल हुए थे। मरने वालों में अधिकतर सेना के फैमिली मेंबर थे।सुंजवां आतंकी हमला10 फरवरी 2018  को आतंकियों ने घात लगाकर जम्मू-कश्मीर के सुंजवा में आर्मी कैंप पर हमला किया था। 54 घंटे बीत जाने के बाद भी हमले के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी था। इस हमले में तक 5 जवान शहीद हुए थे जबकि 1 बुजुर्ग की मौत हुई थी। इसके अलावा 6 जवान और 6 आम नागरिक घायल हुए थे। इस हमले में 4 आतंकियों को मार गिराया गया था।

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